Gold Silver Price Update 2026 – साल 2026 ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। हाल के दिनों में सोना और चांदी की कीमतों में आई गिरावट ने आम लोगों, निवेशकों और व्यापारियों सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। शादी-ब्याह का सीजन हो, त्योहारों की तैयारी या सुरक्षित निवेश की योजना — सस्ती दरों पर सोना-चांदी खरीदना हमेशा फायदेमंद माना जाता है।
इस लेख में हम आपको 2026 के ताजा गोल्ड और सिल्वर प्राइस अपडेट, कीमतों में गिरावट के कारण, प्रमुख शहरों की दरें और खरीदारी से जुड़ी जरूरी सलाह विस्तार से बताएंगे।
2026 में सोना-चांदी क्यों हुआ सस्ता?
सोना और चांदी की कीमतें कई वैश्विक और घरेलू कारकों पर निर्भर करती हैं। 2026 में कीमतों में गिरावट के पीछे कुछ महत्वपूर्ण कारण सामने आए हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का प्रभाव
वैश्विक बाजार में सोने की मांग कमजोर होने और डॉलर के मजबूत होने से कीमतों पर दबाव पड़ा। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोना महंगा लगता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की मांग घटती है और कीमतों में गिरावट आती है।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी
अमेरिका और यूरोप में ब्याज दरों में वृद्धि के कारण निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड और अन्य निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हुए। इससे सोने की मांग घटी और कीमतें नीचे आईं।
रुपये की मजबूती
भारतीय रुपये के मजबूत होने से आयातित सोना सस्ता हुआ। भारत सोने का बड़ा आयातक है, इसलिए रुपये की मजबूती का सीधा असर घरेलू कीमतों पर पड़ता है।
मौसमी मांग में कमी
त्योहारों और शादी के सीजन के बाद मांग में कमी आती है। जब बाजार में खरीदारी कम होती है, तो कीमतों में गिरावट देखी जाती है।
आज की नई सोने की कीमतें 2026
हालिया अपडेट के अनुसार भारत में सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। नीचे 22 कैरेट और 24 कैरेट सोने की अनुमानित कीमतें दी गई हैं।
24 कैरेट सोना (10 ग्राम)
दिल्ली: लगभग ₹71,200
मुंबई: लगभग ₹71,050
कोलकाता: लगभग ₹71,100
चेन्नई: लगभग ₹71,500
बेंगलुरु: लगभग ₹71,250
22 कैरेट सोना (10 ग्राम)
दिल्ली: लगभग ₹65,250
मुंबई: लगभग ₹65,100
कोलकाता: लगभग ₹65,150
चेन्नई: लगभग ₹65,550
बेंगलुरु: लगभग ₹65,300
ध्यान दें कि ये कीमतें टैक्स और मेकिंग चार्ज के बिना हैं। ज्वेलरी खरीदते समय अंतिम कीमत अलग हो सकती है।
आज की चांदी की नई कीमतें 2026
चांदी की कीमतों में भी नरमी देखने को मिली है, जिससे निवेशकों और ज्वेलरी खरीदारों को राहत मिली है।
दिल्ली: ₹82,500 प्रति किलोग्राम
मुंबई: ₹82,200 प्रति किलोग्राम
कोलकाता: ₹82,300 प्रति किलोग्राम
चेन्नई: ₹86,000 प्रति किलोग्राम
बेंगलुरु: ₹82,600 प्रति किलोग्राम
चांदी औद्योगिक उपयोग में भी आती है, इसलिए इसकी कीमतों पर औद्योगिक मांग का बड़ा प्रभाव पड़ता है।
क्या अभी सोना खरीदना फायदेमंद है?
विशेषज्ञों के अनुसार, जब कीमतों में गिरावट आती है तो निवेश के लिए अच्छा अवसर माना जाता है। हालांकि, खरीदारी से पहले अपनी वित्तीय स्थिति और निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखना जरूरी है।
निवेश के नजरिए से
सोना एक सुरक्षित निवेश माना जाता है। आर्थिक अनिश्चितता के समय इसकी मांग बढ़ जाती है और कीमतें ऊपर जा सकती हैं।
ज्वेलरी खरीदने के लिए सही समय
यदि आप शादी या त्योहार के लिए ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कीमतों में गिरावट का फायदा उठाना समझदारी हो सकती है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
सोना खरीदते समय केवल कीमत ही नहीं, बल्कि गुणवत्ता और पारदर्शिता भी महत्वपूर्ण होती है।
हॉलमार्क जरूर देखें
हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। यह शुद्धता की गारंटी देता है।
मेकिंग चार्ज की तुलना करें
अलग-अलग ज्वेलर्स मेकिंग चार्ज अलग लेते हैं। खरीदने से पहले तुलना करना फायदेमंद हो सकता है।
बिल अवश्य लें
खरीदारी के बाद पक्का बिल जरूर लें। यह भविष्य में एक्सचेंज या रिटर्न के लिए जरूरी होता है।
ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमतों की तुलना करें
आजकल कई विश्वसनीय प्लेटफॉर्म पर लाइव गोल्ड रेट उपलब्ध होते हैं। खरीदारी से पहले तुलना करना बेहतर निर्णय लेने में मदद करता है।
सोना बनाम चांदी: किसमें निवेश बेहतर?
सोना और चांदी दोनों की अपनी अलग विशेषताएं हैं।
सोना
स्थिर निवेश विकल्प
लंबी अवधि में मूल्य वृद्धि की संभावना
आर्थिक संकट में सुरक्षित संपत्ति
चांदी
कम कीमत में उपलब्ध
औद्योगिक मांग के कारण तेजी की संभावना
छोटे निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प
निवेश का चुनाव आपके बजट और उद्देश्य पर निर्भर करता है।
आने वाले महीनों में कीमतों का क्या रहेगा रुझान?
विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। वैश्विक आर्थिक स्थिति, डॉलर की मजबूती, भू-राजनीतिक तनाव और केंद्रीय बैंकों की नीतियां कीमतों को प्रभावित करेंगी।
यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनिश्चितता बढ़ती है, तो सोने की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं औद्योगिक मांग बढ़ने पर चांदी की कीमतें भी ऊपर जा सकती हैं।
निष्कर्ष: खरीदारों के लिए सुनहरा मौका
सोना और चांदी की कीमतों में आई हालिया गिरावट ज्वेलरी खरीदारों और निवेशकों के लिए एक अच्छा अवसर प्रस्तुत करती है। यदि आप लंबे समय से खरीदारी की योजना बना रहे थे, तो यह सही समय हो सकता है।
हालांकि, खरीदारी से पहले बाजार की स्थिति, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और अपने बजट का ध्यान रखना जरूरी है। समझदारी से लिया गया निर्णय भविष्य में बेहतर लाभ दे सकता है।
2026 की शुरुआत ने यह संकेत दिया है कि कीमती धातुओं का बाजार लगातार बदलता रहता है, और सही समय पर सही निर्णय लेना ही समझदार निवेशक और खरीदार की पहचान है।




